Monday, 18 February 2013

After creating a lot of buzz about UPTET 2012; The state government ( Uttar Pradesh ) have decided to conduct this eligibility test in 2013; It is delayed due to recruitment process of 72, 825 primary teachers and BTC notifications in UP .


Schedule of UP TET in 2013

This time; UPTET ( Uttar Pradesh Teacher eligibility Test ) will be conducted two times in a year .



•First Phase – April

•Second Phase – November to December

Most possible that the advertisement will be published in the first weeks of January, 2013 .

Good News For BTC students ( 2010 batch )

As it is necessary to have a BTC + TET certificate for primary teachers; BTC candidates of 2010 batch, will get the chance to appear in UPTET 2013 ( First Phase ) as the practical exams are over and the results will be declared very soon.



This time UPTET will be conducted by सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, एलनगंज, इलाहाबाद ; Last time in 2011 it was conducted by UP board and there was a big controversy with this exam, It was found that some ministers and officers were corrupted in the core council . However UP government have declared that the TET certificate of 2011 exam will be valid now .



And to ensure that this time, the same mistakes not to be repeated; This time UP board is not conducting the exam .



Sachiv Pariksha Niyamak Pradhikari, Allahabad office is concentrating on the following things:-



•Ensuring that all the questions and options given below are correct .

•QUESTION paper codes and other settings are in a correct way .

•To maintain the standard of the exam, this time the QUESTION paper will be prepared by famous scholars .

•Identifying any wrong or unnecessary data from the advertisement .

UPTET Application will be Online

Online applications will be invited for UPTET 2013; An official online portal will be launched by regulatory authority . This website/online portal will be enabled with the faculty to apply online for Uttar Pradesh Teacher eligibility Test .



It will ensure the safe delivery of your application form so its a good step by government .



UPTET Update 2013

According to leading newspaper Amar Ujala; The exam will be conducted in April now and hence the advertisement will be notified in March, 2013 .



SCERT have already sent, the final proposal to Basic Education minister, UP (Uttar Pradesh) .

by  NEERAJ JAIN
MORE INFO:- 9027655720

Monday, 4 February 2013

UPTET : ऑन लाइन प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की खुली कलई

UPTET : ऑन लाइन प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की खुली कलई


UPTET : ऑन लाइन प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की खुली कलई
उत्तरप्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए काउंसलिंग की कट आफ घोषित होते ही ऑन लाइन भर्ती प्रक्रिया की कलई खुल गयी है.

कट आफ के बाद जारी की गयी पूरी मेरिट की गड़बड़ियों को देखते हुए अब कई जिलों ने कट आफ लिस्ट को ही वेबसाइट से हटा लिया है, सिर्फ कट आफ प्रतिशत को ही विज्ञप्ति के रूप में जारी कर रहे हैं.

 ऐसे में अभ्यर्थियों को अपनी कट आफ की स्थिति जानने के लिए आवेदित जिलों की  परिक्रमा करनी होगी. अभ्यर्थियों ने गड़बड़ियों को लेकर पहले ही सवाल खड़े किये थे, लेकिन खामियों की यही स्थिति रही तो प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पूरी करना किसी यक्ष प्रश्न  से कम न होगा. अब बेसिक शिक्षा परिषद के अफसर इन गलतियों के लिए जिलों पर जिम्मा थोप रहे हैं.
काउंसलिंग के लिए सबसे पहले कट आफ मेरिट घोषित करने में बाजी मारने वाले कुशीनगर की लिस्ट पर नजर दौड़ते ही खामियों की भरमार मिल जा रही है. सामान्य अभ्यर्थियों की सूची में पहला स्थान बनाने वाले अन्य पिछड़े वर्ग के ममतेश ने तो कमाल ही कर दिया. स्नातक में दस अंकों का पूर्णाक दिखाने वाले ममतेश को 73 अंक मिले हैं, कुछ आवेदक तो इसके आगे भी निकल गये हैं. सामान्य वर्ग के चन्द्रभान की मेरिट 100 फीसद है, तो ओबीसी के ममतेश की 2971.28 है.
100 अंकों के योग तक पहुंचने वाले चार और आवेदक हैं जो हाईस्कूल से लेकर बीएड तक में 100 फीसद अंक लाये हैं, यानि हाईस्कूल में 500 में 500, इंटरमीडिएट में 600 में 600, स्नातक में किसी का पूर्णाक 900 का है तो किसी का 2200 का. मेरिट में 14वें स्थान पर रहे प्रदीप कुमार पाण्डेय के भी स्नातक में 1350 में 1350 अंक मिले हैं, तो बीएड में पूरे अंक लेकर मेरिट कट आफ में 87.51 फीसद पर हैं. 15वें स्थान पर आने वाले धम्रेन्द्र सिंह स्नातक में 1200 में 1200 व बीएड में 1000 में 1000 अंक लाने वाले मेधावी प्रशिक्षु भर्ती की कतार में हैं.
अब सवाल एक और भी है कि यह गलती ऑन लाइन आवेदन में अभ्यर्थियों ने की तो उनके आवेदन पत्रों को खारिज क्यों नहीं किया गया. गलती कम्प्यूटर की प्रक्रिया में हुई तो फिर इसको जारी करने से पहले जांचा क्यों नहीं गया और अगर आवेदन पत्रों को खारिज कर दिया गया था तो उन्हें मेरिट कट आफ में स्थान क्यों दिया गया. इन गलत अभ्यर्थियों को बाहर रखा गया होता तो कम मेरिट वाले अभ्यर्थी काउंसलिंग में आने के लिए जगह पा सकते थे. कुशीनगर की कट आफ मेरिट में इन खामियों को उजागर होने के बाद भर्ती प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गयी है.
इन खामियों की आहट दूसरे जिलों तक में हुई है. लखनऊ मण्डल के ही कई जिलों ने कट आफ तो घोषित कर दिया गया, लेकिन आवेदकों का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है, उसे वेबसाइट पर डालने के बाद कुछ जिलों ने हटा लिया है. गलतियों का पुलिंदा बनी कट आफ मेरिट कहीं मेधावियों के भविष्य से खिलवाड़ न साबित हो जाए. सूत्रों का कहना है कि कुशीनगर की कट आफ मेरिट में पहला स्थान बनाने वाले ममतेश को इसी रिकार्ड से 30 से ज्यादा जिलों में पहला स्थान मिला है जबकि सीतापुर से लेकर सभी जिलों में उनके ब्योरा में स्नातक में पूर्णाक दस व प्राप्तांक 743 दिखाया गया है.
इन गलतियों के उजागर होने के बाद तो चयन प्रक्रिया की मॉनीटरिंग करने वाले बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा गलतियों का जिम्मा जिलों पर डाल रहे हैं. गलती जिले की है तो भी उसको दूर करने की जिम्मेदारी से परिषद के अफसर कैसे बच सकते हैं. उल्लेखनीय है कि सूबे में आरटीई लागू होने के बाद टीईटी अनिवार्य कर दी गयी है. प्रदेश सरकार को शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए एक-दो मौके मिले हैं, लेकिन लगता नहीं है कि चयन प्रक्रिया समय से पूरी हो सकेगी

U.P TET

UPTET - टीईटी अभ्यर्थी और भर्ती

UPTET - टीईटी अभ्यर्थी और भर्ती


फर्जी आवेदनों के कारण प्रथम काउंसलिंग वाले अभ्यरथियो को कई समस्यों से जूझना पड़ रहा है
कई अभ्यर्थीयो को ग्रह जनपद छोड़कर बाहर के जिलों में नंबर आने पर , अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए ग्रह जनपद छोड़ कर अन्य जिलों का भी चुनाव करना पड़ सकता है
अगर सभी तरह के फर्जी आवेदनों को बाहर रखा जाए और उसके बाद काउंसलिंग की कट-ऑफ़ जारी की जाती तो इससे प्रथम काउंसलिंग में ऊँचा स्थान रखने वालों को राहत मिल सकती थी ।

टी ई टी अभ्यर्थीयों में भी कई मत हैं -
1. एक धड़ा बी . एड 2012 वालों को नियुक्ति से बाहर देखने के मत में है , क्योंकि उनके अनुसार- वे नियुक्ति के पात्र नहीं है
वे टी ई टी परीक्षा के भी पात्र नहीं थे । टी ई टी एपीरिंग के बारे में उनके अपने मत हैं
2. जबकि बी . एड 2011 वालों का कहना है कि उन्होंने आवेदन सरकार द्वारा जारी किये गए विज्ञापन के अनुरूप किया है
और पिछला विज्ञापन रद्द किया जा चुका है
3. कई लोगो का मानना है कि भर्ती टी ई टी मेरिट से होनी चाहिए और इसके लिये वह सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं ।
आखिर उनका क्या दोष , उन्होंने तो परीक्षा मेहनत से पास की थी ।

4. कई लोगो का मानना है कि भर्ती सरकार का कार्य है और हाई कोर्ट इस पर मुहर लगा चुका है
ये भर्ती प्रक्रिया काफी लम्बे समय से चल रही है और काफी तरह के उतार चडाव सामने आते रहे , यू पी टी ई टी परीक्षा

के बाद जारी विज्ञापन में बदलाव और आये दिन कोर्ट में नए नए मामले आते रहना , अभ्यर्थीयों के मन में शंकाएं उत्पन्न करता रहता है